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पेट में दाहिनी तरफ अकà¥à¤¸à¤° दरà¥à¤¦ रहना हाे सकता है अपेंडिसाइटिस का संकेत
अपेंडिकà¥à¤¸ में सूजन यानी अपेंडिसाइटिस à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। हालांकि इसको लेकर थोड़ी-सी लापरवाही या लेटलतीफी कई बार गंà¤à¥€à¤° रूप धारण कर लेती है, जो जानलेवा à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठइसका ततà¥à¤•ाल इलाज करवाना जरूरी होता है।
सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ यह à¤à¤• वेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤œà¤¿à¤¯à¤² अंग है जो छोटी और बड़ी आंत के जोड़ पर पाया जाता है। वेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤œà¤¿à¤¯à¤² अंग का मतलब है à¤à¤¸à¤¾ अंग जिसका शरीर के लिठवैसे कोई महतà¥à¤µ नहीं है। यानी हम इसके बगैर à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ जीवन जी सकते हैं। यह केंचà¥à¤ के आकार जैसा होता है। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ इसकी लंबाई 7 से 10 सेंटीमीटर तक होती है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है सूजन?
अपेंडिकà¥à¤¸ में सूजन को अपेंडिसाइटिस कहा जाता है। यह दो कारणों से हो सकती है। à¤à¤•, इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण और दूसरी, अपेंडिकà¥à¤¸ में कà¥à¤› फंसने के कारण। डाइट में फाइबरयà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की कमी à¤à¥€ इसकी à¤à¤• अनà¥à¤¯ मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह होती है। आंत के कैंसर की वजह से à¤à¥€ अपेंडिसाइटिस हो सकता है। वैैसे यह समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकती है, लेकिन 10 से 30 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° के दौरान इसकी आशंका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
सूजन के लकà¥à¤·à¤£
इसका सबसे बड़ा संकेत है पेट के दाहिनी तरफ निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना। आमतौर पर यह दरà¥à¤¦ नाà¤à¤¿ के आसपास शà¥à¤°à¥‚ होता है और बाद में दाहिनी तरफ पहà¥à¤‚च जाता है। यह दरà¥à¤¦ मामूली से लेकर अतà¥à¤¯à¤‚त असहनीय और पीड़ादायक हो सकता है। दरà¥à¤¦ खांसने या हंसने पर बढ़ जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान इसका दरà¥à¤¦ पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में होता है।
पेट दरà¥à¤¦ के अलावा इनमें से कà¥à¤› या कोई à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकता है - पेट फूलना, उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होना, अपच, जी मिचलाना, à¤à¥‚ख न लगना, कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤, पेशाब में जलन और कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° खून आना, चलने में परेशानी होना।
ये लकà¥à¤·à¤£ दिखें तो कà¥à¤¯à¤¾ करें?
इन लकà¥à¤·à¤£ या जटिलता के होने पर तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° या सरà¥à¤œà¤¨ से संपरà¥à¤• करें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° अपेंडिसाइटिस की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठबà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ, यूरिन टेसà¥à¤Ÿ और सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ करवा सकता है। जरूरी होने पर वह सीटी सà¥à¤•ेन या à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ à¤à¥€ करवाने को कहता है। अगर अपेंडिकà¥à¤¸ में सूजन की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है, तो तà¥à¤°à¤‚त ऑपरेशन करवाना जरूरी होता है।
अपेंडिकà¥à¤¸ का सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ इलाज ऑपरेशन ही है। ऑपरेशन करके अपेंडिकà¥à¤¸ को निकाल दिया जाता है। ऑपरेशन नहीं करवाने पर अपेंडिकà¥à¤¸ में बार-बार सूजन आने का खतरा बना रहता है और इसके फूटने की आशंका à¤à¥€ बढ़ जाती है। अपेंडिकà¥à¤¸ के फूटने पर उसका इंफेकà¥à¤¶à¤¨ पूरे पेट में फैल जाता है, जो जानलेवा सिदà¥à¤§ हो सकता है।
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